क्लास 3 से लेकर क्लास 8 तक का सबसे मसहुर चैप्टर सरलीकरण है. इस अध्याय में ऐसे बहुत प्रश्न और सरलीकरण फार्मूला होते है जिसे स्टूडेंट्स आसानी से समझ नही पाते है. इसलिए यह चैप्टर हमेशा चर्चा का एक विषय बना रहता है. लेकिन इसका महत्व सबसे अधिक प्रतियोगिता एग्जाम में होता है.
लेकिन आज से ऐसा करने की जरुरत नही होगा. क्योंकि शिक्षकों के निर्देशा अनुसार एग्जाम में पूछे जाने वाले सभी सरलीकरण फार्मूला यहाँ नियमबद्ध दिया जा रहा है. जो मैथ्स की तैयारी में अनुभव प्रदान करेगा.
सरलीकरण क्या है ?
गणित एक प्राचीन ग्रन्थ के समान है जिसके संख्याओं का हल करने के लिए अनगिनित तरीके है. उसी तरीकों में से एक तरीका सरलीकरण है जिसे निम्न अर्थों से व्यक्त किया जाता है.
किसी भी गणितीय संख्या पद्धति यानि संख्याओं को साधारण भिन्न या संख्यात्मक स्वरूप बदलने की प्रक्रिया सलारिकरण कहा जाता है. इस प्रक्रिया को हल करने के लिए गणित के अन्य गुणधर्म यानि फार्मूला का प्रयोग किया जाता है. जैसे जोड़, घटाव, गुणा, भाग आदि.
Note:- ये क्रियाएँ BODMAS के गुणधर्म यानि नियम से संपन्न होती है.
BODMAS नियम
सरलीकरण को हल करने का सबसे महत्वपूर्ण नियम BODMAS होता है. गनितियों विशेषज्ञों के अनुसार इसे निम्न तरीकों से विभक्त किया जा सकता है. जिससे इसके प्रयोग को सरल और सुचारू बनाया जा सके. साथ ही यह प्रक्रिया बहु सक्रिय प्रश्न को हल करने में समय के साथ-साथ स्पीड को भी नियंत्रित करता है.
कोष्ठक के प्रकार: Types of Bracket
Bracket चार प्रकार के होते है. क्रिया करने के आधार पर वरीयता श्रेणी और कोष्टक (Bracket) की पहचान निम्नाकित प्रकार के होते है.
1 . ― = रेखा कोष्ठक ( Line Bracket )
2 . ( ) = छोटा कोष्ठक ( Small Bracket or Circular Bracket )
3 . { } = मझला कोष्ठक ( Braces Or Curly Bracket )
4 . [ ] = बड़ा कोष्ठक ( Square Bracket Or Brackets )
Note:-
यदि किसी कोष्ठक के पहले ऋण चिह्न आए , तो सरल प्रक्रिया में अन्दर के सभी चिह्न बदल जाते हैं.
BODMAS फुल फॉर्म
किसी सरलीकरण प्रश्न को हल करने के लिए कोष्ठक, “का” भाग, गुणा, जोड़ और घटाव को सर्वप्रथम चिन्ह के अनुसार BOADMAS का प्रयोग किया जाता है. यहाँ इसका फुल फॉर्म भी उपलब्ध है जो याद करने के लिए उपयुक्त है.
B = कोष्ठक ( Bracket ) (कोष्ठक के चारों भाग शामिल है)
O = का ( Of )
D = भाग ( Division )
M = गुणा ( Multiplication )
A = योग ( Addition )
S = अन्तर ( Subtraction )
Note:-
सबसे पहले Bracket की क्रिया की जाती है, उसके बाद OF (का), भाग, गुणा, जोड़, और घटाव की क्रिया क्रमशः की जाती है. अर्थात; पहले ( का ) करो पीछे ( भाग ) तब ( गुण ) तब ( जोड़ ) एवं घटाव
अवश्य पढ़े, गणित के सभी चिन्ह के नाम
BODMAS से प्रश्नों को हल करने का नियम
- सर्वप्रथम रेखा कोष्टक
- इसके बाद “का”
- फिर “Division” यानि ‘भाग’
- इसके बाद “Multiplication” यानी गुणा
- गुणा के बाद “Addition” यानी योग (जोड़)
- और सबसे बाद “Subtract” यानी घटाते का प्रयोग किया जाता है.
सरलीकरण के महत्वपूर्ण बीजगणितीय सूत्र
ऊपर अंकित सभी क्रम के अलावा व्यंजकों के सरलीकरण में विभिन्न बीजगणितीय सूत्रों का भी प्रयोग किया जाता है. ये ऐसे सूत्र है जो मैथ्स के लगभग प्रत्येक प्रश्न को हल करने में प्रयुक्त होते है. लेकिन यहाँ केवल सरलीकरण के दृष्टिकोण से दिया गया है. अवश्य स्मरण रखे.
a²- b² = (a + b) (a – b)
(a+b)²= a²+ 2ab + b²
(a-b)²= a²- 2ab + b²
(a+b)² + (a-b)²= 2(a²+b²)
(a+b)² – (a-b)²= 4ab
(a+b)³ = a³ + b³ + 3ab(a+b)
(a-b)³ = a³- b³- 3ab(a-b)
a³+ b³ = (a + b) (a² – ab + b²)
a³- b³ = (a-b) (a² + ab + b²)
(a + b + c +)² = a² + b² + c² + 2ab + 2bc + 2ca
a³+ b³ + c³- 3abc = (a + b + c) (a² + b² + c²- ab – bc – ca)
Note:-
यदि a + b + c = 0 हो, तो a³+ b³ + c³ = 3abc होता है.
उपरोक्त फार्मूला बहुपद, अलजेब्रा आदि में भी प्रयुक्त होते है.
सामान्य प्रश्न: FAQs
कोष्ठक के अंदर अंको का सरलीकरण कोष्ठक के अंदर विभाजन, गुणा, जोड़, घटाव आदि का संचालन बोडमास के अनुसार किया जाता है.
किसी गणितीय व्यंजक को साधारण भिन्न या संख्यात्मक रूप में बदलने की प्रक्रिया सरलीकरण कहते है.
सरलीकरण में कोष्ठक तीन प्रकार के होते हैं. पहला, गोल कोष्ठक ( ), दूसरा, धनुकोष्ठक { }, तीसरा, बॉक्स कोष्ठक [ ] ( ), { } और [ ] है.
महत्वपूर्ण तथ्य
गणित एक ऐसा विषय है जिसके प्रशों को हल करने के लिए सबसे अधिक फार्मूला का प्रयोग किया जाता है. जरुरत अनुसार प्रत्येक विद्यार्थी को बेसिक मैथ्स के फार्मूला याद होना ही चाहिए. अगर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते है, तो उस स्थिति में ये फार्मूला सबसे महत्वपूर्ण हो जाते है. भारतीय गणितज्ञों का कहना था उस मनुष्य की स्मृति सबसे अच्छी होती है जो गणित अपने इच्छा से पढ़ते है.
आपको तो पता ही है कि भारतीय गणितज्ञों का सम्बन्ध गणित से कितना रहा है. इसलिए, अपना रुख वहां रखे जहाँ आपका मन कहता है. मैथ्स में आपका रिजल्ट बेहतर आएगा साथ ही आपकी स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी. धन्यवाद!